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पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में पीठदरà¥à¤¦ कर रहा है परेशान, तो à¤à¤•à¥à¤¸à¤ªà¤°à¥à¤Ÿ से जानिठइससे राहत पाने के उपाय
यदि आप गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान पीठदरà¥à¤¦ से पीड़ित हैं, तो इसके कई कारण हो सकते हैं। हमारे विशेषजà¥à¤ž बता रहे हैं इसके कारण और इससे राहत पाने के कà¥à¤› उपाय।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में बहà¥à¤¤ सारे शारीरिक और मानसिक बदलावों का सामना करना पड़ता है।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ à¤à¤• खूबसूरत समय है। पर इस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में आपको बहà¥à¤¤ सारे शारीरिक और मानसिक बदलावों का सामना करना पड़ता है। कà¥à¤› शारीरिक समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ आपको लगातार थकाती हैं। à¤à¤¸à¥€ ही à¤à¤• समसà¥à¤¯à¤¾ है पीठमें दरà¥à¤¦ रहने की। अगर आप à¤à¥€ इसे लेकर परेशान हैं, तो हेलà¥à¤¥à¤¶à¥‰à¤Ÿà¥à¤¸ पर विशेषजà¥à¤ž से जानिठपीठदरà¥à¤¦ का कारण और उससे बचने के कà¥à¤› आसान उपाय।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान पीठदरà¥à¤¦ काफी सामानà¥à¤¯ माना जाता है। जब शिशॠका विकास हो रहा होता है, तब आपका शरीर कई बदलावों से गà¥à¤œà¤°à¤¤à¤¾ है। पीठà¤à¥€ इनà¥à¤¹à¥€à¤‚ में से à¤à¤• है। खासकर दूसरी तिमाही के बाद।
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के दौरान अतà¥à¤¯à¤§à¤¿à¤• पीठदरà¥à¤¦ के कारणों में से à¤à¤• रिलैकà¥à¤¸à¤¿à¤¨ हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ है। आपका शरीर इस हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ को रिलीज करता है, जो आपके शिशॠके जनà¥à¤® के लिठतैयार करता है। रिलैकà¥à¤¸à¤¿à¤¨ आपके शà¥à¤°à¥‹à¤£à¤¿ के जोड़ों में सà¥à¤¨à¤¾à¤¯à¥à¤¬à¤‚धन को ढीला, नरम और रिलैकà¥à¤¸ कर सकता है, जो आपको गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान कम सà¥à¤¥à¤¿à¤° बना सकता है। इसलिà¤, महिलाओं को पीठमें चोट और दरà¥à¤¦ होने का खतरा अधिक हो जाता है।
यहां जानिठगरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में पीठदरà¥à¤¦ के अनà¥à¤¯ कारण
तनाव ( Stress )
चाहे आप गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ हों या नहीं, तनाव से पीठदरà¥à¤¦ हो सकता है। सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ शिशà¥, गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾, काम या परिवार के बारे में अतà¥à¤¯à¤§à¤¿à¤• चिंता करने से तनाव हो सकता है। जो मांसपेशियों में जकड़न और कमजोर होने का कारण बनता है।
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के दौरान वजन बढ़ने के कारण, आपकी पीठको सà¥à¤¥à¤¿à¤° रखने में कठिनाई हो सकती है। जिससे मांसपेशियों पर दबाव पड़ता है। इससे पीठके निचले हिसà¥à¤¸à¥‡ में दरà¥à¤¦ होने लगता है।
शरीर की मà¥à¤¦à¥à¤°à¤¾ ( Body posture )
जैसे-जैसे आपका पेट बड़ा होगा, आपके पोसà¥à¤šà¤° में बदलाव होगा। इससे बैठने, चलने या सोने के दौरान आपकी मà¥à¤¦à¥à¤°à¤¾ à¤à¥€ बदल सकती है। इससे पीठदरà¥à¤¦ की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤à¤‚ बढ़ सकती हैं।
मसल सेपरेशन ( muscle Separation )
जब गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ बढ़ता है, रेकà¥à¤Ÿà¤¸ à¤à¤¬à¥à¤¡à¥‹à¤®à¤¿à¤¨à¤¿à¤¸ मांसपेशियां, अलग हो सकती हैं। यह अलगाव पीठदरà¥à¤¦ को और खराब कर सकता है। यह मांसपेशियां रिब केज से पà¥à¤¯à¥‚बिक बोन तक जाता है।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान राउंड लिगामेंट का दरà¥à¤¦ सामानà¥à¤¯ है
चूंकि गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ (Uterus) और आसपास के सà¥à¤¨à¤¾à¤¯à¥à¤¬à¤‚धन (ligaments) शिशॠके लिठजगह बनाने के लिठखिंचाव करते हैं, जिससे छोटी, दरà¥à¤¦à¤¨à¤¾à¤• à¤à¤‚ठन हो सकती है। इस दरà¥à¤¦ में आराम और अनà¥à¤¯ घरेलू उपचार मदद कर सकते हैं। लेकिन अगर दरà¥à¤¦ दूर नहीं होता है, तो अपने डॉकà¥à¤Ÿà¤° से संपरà¥à¤• करें।
तो अब जानिठपà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में पीठदरà¥à¤¦ से आप कैसे राहत पा सकती हैं
1 पोसà¥à¤šà¤° पर धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ दें
अपने पोसà¥à¤šà¤° में सà¥à¤§à¤¾à¤° करने के लिà¤, आपको सीधे और लंबा खड़े होने का पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ करना चाहिà¤à¥¤ बैठते समय, आप सपोरà¥à¤Ÿ के लिठअपनी पीठके पीछे कपड़ा या तौलिया रख सकते हैं। अपने कंधों और पीठका पोसà¥à¤šà¤° सही रखने की कोशिश करें यदि आप खड़े हैं, तो अपने कूलà¥à¤¹à¥‹à¤‚ को आगे की ओर खींचने की कोशिश करें।
4 पीठकी मालिश करें
असल में पीठदरà¥à¤¦ की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में आप हीटिंग पैड या आइस पैक लगाकर मालिश कर सकते हैं। अपने चिकितà¥à¤¸à¤• से परामरà¥à¤¶ करने के बाद, आप कà¥à¤› मिनटों के लिठअपनी पीठपर कोलà¥à¤¡ कंपà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ डाल सकते हैं। 2-3 दिनों के बाद, आप हीटिंग पैड पर सà¥à¤µà¤¿à¤š कर सकते हैं।
5 शारीरिक रूप से सकà¥à¤°à¤¿à¤¯ रहें
कà¥à¤› हलà¥à¤•ी शारीरिक गतिविधियां करें, लेकिन अपने डॉकà¥à¤Ÿà¤° से सलाह लेने के बाद ही। कà¥à¤› गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾-सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤šà¤¿à¤‚ग वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® करने की कोशिश करें जो आपको पीठदरà¥à¤¦ से राहत दे सकें। अपनी पीठके निचले हिसà¥à¤¸à¥‡ को à¤à¥€ सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤š करें।
6 अचà¥à¤›à¥€ नींद लें
हमेशा याद रखें कि करवट लेकर सोà¤à¤‚ न कि पीठके बल। आपको अपने घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‹à¤‚ को मोड़कर रखना चाहिठऔर सहारे के लिठअपने घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‹à¤‚ के बीच तकिठरखना चाहिà¤à¥¤
pregnancy ke shuruaati dino mein ho sakta hai kabj
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में अचà¥à¤›à¥€ नींद लेना बहà¥à¤¤ ज़रूरी है।
7 चीजों को सही तरीके से उठाà¤à¤‚
किसी à¤à¥€ à¤à¤¾à¤°à¥€ वसà¥à¤¤à¥ को उठाने से बचें। अगर आप कà¥à¤› उठाना चाहते हैं तो कमर के बल न à¤à¥à¤•ें। इसके बजाय, नीचे बैठें और वसà¥à¤¤à¥ को अपने पैरों के बलबूते उठाà¤, न कि पीठके बल से।
यहां हैं कà¥à¤› और à¤à¥€ सà¥à¤à¤¾à¤µ हैं
बिना आरà¥à¤š सपोरà¥à¤Ÿ के हाई हीलà¥à¤¸ पहनने से बचें। आपको बैठते समय अपने पैरों को à¤à¥€ ऊपर उठाना चाहिठऔर सपोरà¥à¤Ÿà¤¿à¤µ तकिठ( lumbar pillow) के साथ अपनी पीठको अतिरिकà¥à¤¤ सहारा देना चाहिà¤à¥¤ अपने चिकितà¥à¤¸à¤• से परामरà¥à¤¶ के बिना किसी à¤à¥€ दरà¥à¤¦ की दवा लेने से बचें।
धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखें कि अतà¥à¤¯à¤§à¤¿à¤• पीठदरà¥à¤¦, जो दो सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ से अधिक समय तक रहता है, à¤à¤• अंतरà¥à¤¨à¤¿à¤¹à¤¿à¤¤ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ का संकेत हो सकता है। आपको अपने डॉकà¥à¤Ÿà¤° से चिकितà¥à¤¸à¤•ीय सलाह लेनी चाहिà¤à¥¤
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